IIT बॉम्बे छात्र आत्महत्या मामला: भेदभाव, मानसिक दबाव और सुरक्षित शिक्षा पर सवाल?
IIT बॉम्बे के द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के बाद कैंपस में छात्र सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य, शैक्षणिक दबाव और कथित जातीय भेदभाव को लेकर बहस तेज हुई है। परिवार ने जाति आधारित भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं, जबकि IIT बॉम्बे ने इन आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि छात्र ने संस्थान के SC/ST सेल या प्रशासन के समक्ष ऐसी शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। मामले में पुलिस ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला समेत अन्य के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और SC/ST कानून से संबंधित धाराओं में FIR दर्ज की है। जांच को मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने की जानकारी भी सामने आई है।
घटना के बाद छात्रों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए 18 सूत्रीय मांग-पत्र रखा, जिसमें स्वतंत्र जांच, छात्र शिकायत निवारण व्यवस्था को मजबूत करने, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और जवाबदेही जैसे मुद्दे शामिल हैं। IIT बॉम्बे के निदेशक ने छात्रों के साथ बैठक में इस चार्टर पर हस्ताक्षर किए।
पोस्टर इसी संदर्भ में समान और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण की मांग को सामने रखता है। मामले से जुड़े आरोप और उनकी जिम्मेदारी फिलहाल जांच के अधीन हैं। https://www.instagram.com/p/DdkvX3CE86Y/
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