रामानुज सिंह का विशेष साक्षात्कार: भ्रष्टाचार मुक्त भारत और विकास आधारित राजनीति पर राष्ट्रीय सुरक्षा पार्टी का दृष्टिकोण
राष्ट्रीय हिंदी दैनिक तरुणमित्र में प्रकाशित इस विशेष साक्षात्कार में राष्ट्रीय सुरक्षा पार्टी (RSP) के संस्थापक श्री रामानुज सिंह ने देश के विकास, भ्रष्टाचार उन्मूलन, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक कल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए हैं। साक्षात्कार का मुख्य संदेश है कि भारत को विकास की मुख्यधारा में आगे बढ़ाने के लिए पारदर्शी शासन, ईमानदार राजनीति और जनहित आधारित नीतियों की आवश्यकता है।
साक्षात्कार में रामानुज सिंह ने अपने सामाजिक कार्यों, शिक्षा के क्षेत्र में किए गए प्रयासों तथा राष्ट्रीय सुरक्षा पार्टी की स्थापना के उद्देश्य पर विस्तार से चर्चा की है। उन्होंने कहा कि समाज सेवा उनके सार्वजनिक जीवन की प्रेरणा रही है और राजनीति को वे जनसेवा का माध्यम मानते हैं। उनके अनुसार, भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के अवसर किसी भी विकसित राष्ट्र की आधारशिला हैं।
रामानुज सिंह ने शिक्षा को प्रत्येक बच्चे का अधिकार बताते हुए आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है और देश के भविष्य को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण और गरीब वर्ग के उत्थान को भी पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल बताया।
साक्षात्कार के दौरान उन्होंने रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं, किसानों की समस्याओं और प्रशासनिक पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर भी अपने विचार रखे। उनका मानना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ पहुँचना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि विकास तभी संभव है जब शासन व्यवस्था जवाबदेह हो और जनता के अधिकारों का सम्मान किया जाए।
राष्ट्रीय सुरक्षा पार्टी का उद्देश्य सुरक्षित, शिक्षित, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत का निर्माण करना है। पार्टी युवाओं के लिए रोजगार, बेहतर शिक्षा, आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएँ, भ्रष्टाचार मुक्त शासन और समान अवसरों पर आधारित विकास की पक्षधर है। साक्षात्कार में व्यक्त विचार पार्टी के दीर्घकालिक विजन और जनकल्याणकारी नीतियों को दर्शाते हैं।
यह साक्षात्कार लोकतांत्रिक विमर्श का एक हिस्सा है, जिसमें एक राजनीतिक दल के संस्थापक अपने विचार और नीतियाँ जनता के सामने रखते हैं। नागरिक विभिन्न राजनीतिक दृष्टिकोणों को समझकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सूचित निर्णय ले सकते हैं।














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