NEP 2020 के स्थान पर मुफ्त शिक्षा नीति की मांग पर राष्ट्रीय सुरक्षा पार्टी का जनजागरण अभियान
राष्ट्रीय सुरक्षा पार्टी (RSP) द्वारा जारी इस जनजागरण पोस्टर में शिक्षा को प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार बताते हुए मुफ्त, समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आवश्यकता पर बल दिया गया है। पोस्टर में पार्टी ने अपनी राजनीतिक राय के अनुसार यह तर्क रखा है कि भारत को ऐसी शिक्षा व्यवस्था की जरूरत है, जिसमें आर्थिक स्थिति किसी भी बच्चे की पढ़ाई में बाधा न बने।
पोस्टर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) की आलोचना करते हुए यह दावा किया गया है कि इससे शिक्षा के व्यवसायीकरण को बढ़ावा मिला है। साथ ही पोस्टर में महंगी शिक्षा, निजीकरण, शिक्षा ऋण और बढ़ती असमानता जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है। ये दावे और विचार राष्ट्रीय सुरक्षा पार्टी के राजनीतिक दृष्टिकोण का हिस्सा हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा पार्टी का कहना है कि शिक्षा का उद्देश्य सामाजिक समानता, ज्ञान और राष्ट्र निर्माण होना चाहिए, न कि केवल आर्थिक लाभ। पार्टी का मानना है कि प्रत्येक बच्चे को बिना किसी भेदभाव के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से पोस्टर में “शिक्षा अधिकार है, व्यापार नहीं” और “शिक्षा पर सबका हक, किसी का मुनाफा नहीं” जैसे संदेश दिए गए हैं।
अभियान में सरकार से मांग की गई है कि सभी बच्चों को मुफ्त शिक्षा, आधुनिक विद्यालयी सुविधाएँ, प्रशिक्षित शिक्षक और गुणवत्तापूर्ण संसाधन उपलब्ध कराए जाएँ। साथ ही शिक्षा व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुलभ और समान अवसरों पर आधारित बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है।
राष्ट्रीय सुरक्षा पार्टी का मानना है कि मजबूत शिक्षा व्यवस्था ही विकसित, आत्मनिर्भर और समावेशी भारत की आधारशिला है। इस अभियान के माध्यम से पार्टी नागरिकों, अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों से शिक्षा सुधार पर सकारात्मक लोकतांत्रिक संवाद में भाग लेने का आह्वान करती है।
यह पोस्टर राष्ट्रीय सुरक्षा पार्टी के शिक्षा अधिकार अभियान का हिस्सा है। इसमें व्यक्त विचार और नीतिगत सुझाव पार्टी के राजनीतिक दृष्टिकोण को दर्शाते हैं तथा शिक्षा नीति पर सार्वजनिक विमर्श को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रस्तुत किए गए हैं।












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